Chhattisgarh BJP: रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच बड़ी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव को नहीं बदला जाएगा। उनकी जगह पार्टी जल्द ही एक कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है। इसके लिए कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं।
दरअसल, हाल ही में सड़क हादसे में किरण सिंहदेव घायल हो गए थे और डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है। उनकी सीमित सक्रियता के चलते प्रदेश भाजपा में नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हुई थीं। हालांकि, पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख हेमंत पाणीग्राही ने प्रदेश अध्यक्ष को बदले जाने की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष बदलने का कोई प्रस्ताव या चर्चा नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी संगठन के कामकाज को सुचारू रखने के लिए पहले कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने के विकल्प पर विचार कर रही है। आने वाले समय में जरूरत के अनुसार कार्यकारी अध्यक्ष को ही पूर्णकालिक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
किरण सिंहदेव को 21 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। विधानसभा चुनाव में बस्तर संभाग में भाजपा के प्रदर्शन और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी।
कार्यकारी अध्यक्ष की दौड़ में कई नाम
तोखन साहू: केंद्रीय राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू का नाम प्रमुख दावेदारों में बताया जा रहा है। साहू समाज से आने वाले तोखन साहू ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा हैं। केंद्र में मंत्री होने के साथ संगठन में उनकी सक्रियता भी उनके पक्ष में जा सकती है।
शिवरतन शर्मा: भाटापारा के पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवरतन शर्मा भी दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। संगठन में लंबे अनुभव और पार्टी के भीतर मजबूत पकड़ के चलते उनके नाम पर भी विचार हो सकता है।
संतोष पांडेय: राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय भी संभावित नामों में हैं। उनकी संघ पृष्ठभूमि और संगठन में सक्रिय भूमिका को देखते हुए पार्टी उन्हें जिम्मेदारी दे सकती है।
अजय चंद्राकर: कुरुद विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। ओबीसी वर्ग से आने वाले चंद्राकर अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली और लंबे संगठनात्मक अनुभव के लिए जाने जाते हैं।
बृजमोहन अग्रवाल: रायपुर सांसद और प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल का नाम भी चर्चा में है। संगठन और चुनावी प्रबंधन में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें भी विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, फिलहाल वे राष्ट्रीय राजनीति में सांसद की भूमिका निभा रहे हैं।
फैसला केंद्रीय नेतृत्व पर निर्भर
Chhattisgarh BJP: भाजपा में कार्यकारी अध्यक्ष के नाम को लेकर अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। यदि ओबीसी चेहरे को प्राथमिकता मिलती है तो तोखन साहू और अजय चंद्राकर मजबूत विकल्प हो सकते हैं। वहीं, वरिष्ठता, संगठनात्मक अनुभव और संघ पृष्ठभूमि को प्राथमिकता मिलने पर शिवरतन शर्मा या संतोष पांडेय के नाम पर विचार हो सकता है। फिलहाल पार्टी की ओर से किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।





