[nishaanebaz.com] Indore Road Collapse: इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान रखने वाले इंदौर में सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बापट चौराहे पर हाल ही में किए गए पेचवर्क के बावजूद सड़क अचानक धंस गई और करीब 4 फीट चौड़ा गहरा गड्ढा बन गया।
इस घटना के बाद इंदौर नगर निगम के जनकार्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत हाल ही में की गई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद सड़क धंसने से पेचवर्क की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा हो गया है।
पेचवर्क के बाद सड़क धंसने से उठे सवाल
नगर निगम की ओर से सड़कों की मरम्मत और पेचवर्क पर लगातार खर्च किया जाता है, लेकिन बापट चौराहे पर सामने आई घटना ने इन कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।हाल ही में मरम्मत की गई सड़क का अचानक धंस जाना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। व्यस्त इलाके में सड़क धंसने से वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता था।
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17 दिनों में तीसरी बार सड़क धंसने की घटना
इंदौर में पिछले 17 दिनों के भीतर तीन अलग-अलग स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने शहर की सड़कों और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर बहस छेड़ दी है।बार-बार सड़क धंसने से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर सड़क निर्माण और पेचवर्क के दौरान गुणवत्ता मानकों का सही तरीके से पालन किया जा रहा है या नहीं।
जनकार्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
बापट चौराहे की घटना को लेकर नगर निगम के जनकार्य विभाग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह स्थान जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौड़ के घर से करीब 400 मीटर की दूरी पर है।इतनी नजदीक सड़क धंसने की घटना के बाद लोगों ने विभाग की निगरानी और सड़क मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं।
जनता के पैसे के इस्तेमाल पर उठे सवाल
लगातार सड़क धंसने की घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हाल ही में किए गए पेचवर्क के बाद भी सड़कें सुरक्षित नहीं रह पा रही हैं, तो मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जानी चाहिए।लोगों ने सवाल उठाया कि कहीं सड़क मरम्मत के नाम पर केवल अस्थायी काम कर जनता के पैसे का दुरुपयोग तो नहीं किया जा रहा है।
गुणवत्ता जांच की जरूरत
बापट चौराहे पर सड़क धंसने के बाद अब इस पूरे मामले की तकनीकी जांच की मांग उठ सकती है। लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए सड़क निर्माण, पेचवर्क और भूमिगत संरचनाओं की स्थिति की जांच जरूरी मानी जा रही है।फिलहाल 17 दिनों में तीन जगह सड़क धंसने की घटनाओं ने नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में केवल गड्ढा भरने तक कार्रवाई करता है या फिर सड़क धंसने के कारणों और पेचवर्क की गुणवत्ता की भी गंभीर जांच कर जिम्मेदारी तय करता है।





