[nishaanebaz.com] MP PDS Sugar: भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों राशन कार्डधारी परिवारों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। प्रदेश की उचित मूल्य यानी पीडीएस राशन दुकानों से रियायती दर पर मिलने वाली 20 रुपये प्रति किलो शक्कर का वितरण 1 सितंबर से बंद होने की बात सामने आई है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद इस व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।
इस फैसले से प्रदेश के 72 लाख से अधिक अंत्योदय, बीपीएल और प्राथमिकता प्राप्त परिवारों पर असर पड़ सकता है। सस्ती दर पर मिलने वाली शक्कर बंद होने के बाद इन परिवारों को बाजार से अधिक कीमत पर शक्कर खरीदनी पड़ सकती है, जिससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका है।
राशन दुकानों पर नहीं मिलेगी 20 रुपये किलो वाली शक्कर
अब तक पात्र परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराई जा रही थी। लेकिन नई व्यवस्था के तहत 1 सितंबर से इस सस्ती शक्कर का वितरण बंद होने की जानकारी सामने आई है।सरकार का तर्क है कि शक्कर की उपलब्धता और बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र के निर्देशों के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस फैसले को लेकर गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ सकती है।
72 लाख से ज्यादा परिवारों के बजट पर असर
मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार सरकारी राशन व्यवस्था का लाभ लेते हैं। ऐसे परिवारों के लिए रियायती दर पर मिलने वाली शक्कर एक राहत थी।अब यदि उन्हें बाजार भाव पर शक्कर खरीदनी पड़ेगी तो रोजमर्रा के खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। खासतौर पर महंगाई के बीच इस फैसले को लेकर लोगों की चिंता बढ़ने की संभावना है।
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त नियम
शक्कर की कीमतों और उपलब्धता को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्ती की है। नई एडवाइजरी के तहत बड़े व्यापारियों और थोक उपभोक्ताओं के लिए शक्कर के स्टॉक को लेकर नियम तय किए गए हैं।निर्देशों के अनुसार तय सीमा से अधिक स्टॉक रखने पर कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही बड़े कारोबारियों के स्टॉक और बिक्री पर निगरानी रखी जाएगी।
स्टॉक लिमिट और बिक्री की समय सीमा तय
नई व्यवस्था के तहत 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक खपत वाले बड़े व्यापारी और थोक उपभोक्ता निर्धारित सीमा से अधिक शक्कर का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।गोदाम में रखे शक्कर के स्टॉक को तय समय सीमा के भीतर बेचने की शर्त भी रखी गई है। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित स्टॉक पर कार्रवाई की जा सकती है।सरकार की ओर से चीनी मिलों के बिक्री रिकॉर्ड, जीएसटी रिटर्न और अन्य दस्तावेजों के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
सस्ती शक्कर बंद होने पर गरमाई राजनीति
राशन दुकानों से रियायती शक्कर का वितरण बंद होने के मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए इसे महंगाई से परेशान आम लोगों के लिए बड़ा झटका बताया है।कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने कहा कि सरकार की नीतियों का असर आम जनता पर पड़ रहा है और सस्ती शक्कर बंद होने से गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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बीजेपी ने कहा- कीमतों पर नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदम
वहीं भाजपा की ओर से सरकार के फैसले का बचाव किया गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बीएल लोया ने कहा कि शक्कर की कीमतों में कुछ समय के लिए बढ़ोतरी हुई है और सरकार बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रही है।भाजपा का कहना है कि केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन किया जा रहा है और आने वाले समय में शक्कर की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
अब नई व्यवस्था पर टिकी लाखों परिवारों की नजर
MP PDS Sugar: 1 सितंबर से सस्ती शक्कर का वितरण बंद होने के बाद लाखों राशन कार्डधारी परिवारों की नजर सरकार की आगे की व्यवस्था पर रहेगी। बड़ा सवाल यह है कि गरीब परिवारों को राहत देने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी या उन्हें पूरी तरह बाजार से शक्कर खरीदनी होगी।फिलहाल, इस फैसले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बहस तेज है और आने वाले दिनों में सरकार की अगली घोषणा पर लोगों की नजर बनी रहेगी।





