[nishaanebaz.com] Niwari Heavy Rain:देवेश गुप्ता\ निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में लगातार रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश ने गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्राम पंचायत बीजौर में बारिश के कारण चार कच्चे मकान ढह गए। मकान गिरने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और सिर छिपाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
गनीमत रही कि मकान गिरने की घटनाओं में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन चार परिवारों का आशियाना पूरी तरह उजड़ गया। अब प्रभावित परिवार प्रशासन से तत्काल राहत और सुरक्षित आवास की मांग कर रहे हैं।
बारिश के बीच चार परिवार हुए बेघर
जानकारी के अनुसार, बीजौर निवासी मंगल अहिरवार, भाजोल वंशकार, भागवत वंशकार और अशोक अहिरवार के कच्चे मकान लगातार बारिश के चलते ढह गए। मकानों के कमजोर होने के कारण बारिश का पानी और नमी उनकी दीवारों व छत पर भारी पड़ गई।मकान गिरने के बाद परिवारों को अपने जरूरी सामान को सुरक्षित रखने और रहने के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गांव में कई घरों में घुसा बारिश का पानी
सिर्फ चार मकानों के ढहने तक ही परेशानी सीमित नहीं है। गांव के कई अन्य घरों में भी बारिश का पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव बढ़ गया है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।प्रभावित परिवारों का कहना है कि कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब लोगों के लिए लगातार बारिश किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
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PM आवास योजना का लाभ मिलने की उम्मीद
मकान ढहने के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर उन्हें PM आवास योजना का लाभ मिल जाता तो उन्हें बारिश के मौसम में कमजोर कच्चे मकान में रहने की मजबूरी नहीं होती।परिवारों का कहना है कि पक्का मकान नहीं होने के कारण हर बारिश में उन्हें अपने घर और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
अब प्रशासन से राहत की उम्मीद
मकान गिरने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित आश्रय की है। बारिश के मौसम में खुले या क्षतिग्रस्त मकान में रहना परिवारों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और उनके रहने के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने की मांग की जा रही है।
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बारिश ने फिर उजागर की कच्चे मकानों की समस्या
निवाड़ी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गरीब परिवार आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। बारिश के दौरान ऐसे मकानों के ढहने का खतरा लगातार बना रहता है।बीजौर में चार मकानों के ढहने की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की योजनाओं का लाभ समय पर क्यों नहीं मिल पा रहा है।फिलहाल प्रभावित परिवार प्रशासन की मदद का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के बीच इन परिवारों को तत्काल राहत और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।





