Indore BJP Jitu Jatav Controversy: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- इंदौर में भारतीय जनता पार्टी के अंदर एक पुराने विवाद को लेकर फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। वार्ड 65 के BJP पार्षद कमलेश कालरा ने पार्टी में जीतू जाटव (यादव) की दोबारा सदस्यता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को पत्र लिखकर जीतू जाटव की सदस्यता फिर से निरस्त करने की मांग की है।कालरा ने अपने पत्र में पुराने विवाद का हवाला देते हुए कहा है कि इस मामले में संगठन ने पहले जीतू जाटव को पार्टी से बाहर किया था, लेकिन बाद में उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल कर लिया गया। Indore BJP Controversy में अब पार्षद की इस चिट्ठी ने पार्टी के अंदर नई चर्चा शुरू कर दी है।
कमलेश कालरा ने प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा कि जीतू जाटव की BJP में दोबारा एंट्री से वह और उनका परिवार आहत है। उन्होंने संगठन से इस फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है।पार्षद ने पत्र में पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। BJP में अंदरूनी विवाद का मुद्दा अब पार्टी संगठन के सामने पहुंच गया है और प्रदेश नेतृत्व के फैसले पर नजर बनी हुई है।
पुराने विवाद का दिया हवाला
कमलेश कालरा के मुताबिक एक पुराने मामले में उनके घर पहुंचकर परिवार के साथ कथित तौर पर अभद्रता की गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके किशोर बेटे से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल किया गया था।पार्षद के अनुसार इस मामले में जीतू जाटव और अन्य लोगों के खिलाफ POCSO समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। हालांकि इन आरोपों और मामले की अंतिम कानूनी स्थिति का फैसला न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगा। Indore BJP Controversy में यही पुराना मामला जीतू जाटव की वापसी के विरोध का मुख्य आधार बताया जा रहा है।
‘पहले निष्कासन हुआ, फिर दोबारा पार्टी में वापसी’
कालरा ने अपने पत्र में दावा किया है कि विवाद के बाद संगठन ने जीतू जाटव को BJP से निष्कासित किया था। इसके बाद उन्हें दोबारा पार्टी में शामिल किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।पार्षद का कहना है कि जब मामला अभी न्यायालय में लंबित है, तब पार्टी में दोबारा सदस्यता देने के फैसले पर संगठन को विचार करना चाहिए। BJP Jitu Jatav Controversy अब स्थानीय राजनीति से निकलकर पार्टी संगठन के स्तर तक पहुंचती दिखाई दे रही है।
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SIT जांच और वॉइस सैंपल का भी जिक्र
कमलेश कालरा ने पत्र में यह भी दावा किया है कि मामले की जांच के दौरान SIT ने जीतू जाटव का वॉइस सैंपल लिया था। उनके मुताबिक इसकी रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।पार्षद ने इसी आधार पर पार्टी में दोबारा सदस्यता देने के फैसले पर सवाल उठाया है। हालांकि वॉइस सैंपल और जांच से जुड़ी अंतिम स्थिति संबंधित जांच एजेंसी और न्यायालय की प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी। Indore BJP Controversy में इस मुद्दे को लेकर अब पार्टी नेतृत्व से जवाब की मांग की जा रही है।
‘राजनीतिक संरक्षण’ का भी लगाया आरोप
कमलेश कालरा ने जीतू जाटव की दोबारा पार्टी में वापसी के पीछे राजनीतिक संरक्षण होने का आरोप भी लगाया है। हालांकि यह उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।उन्होंने कहा कि जीतू जाटव की वापसी से वह, उनका परिवार और इंदौर का सभ्य समाज आहत है। Indore BJP Controversy में पार्षद ने प्रदेश नेतृत्व से दोबारा सदस्यता निरस्त करने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष से फैसले पर दोबारा विचार की मांग
पार्षद कमलेश कालरा ने अपने पत्र में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को जीतू जाटव की सदस्यता को लेकर फिर से फैसला लेना चाहिए।कालरा ने अपनी मांग के साथ कहा कि “लोकमाता अहिल्या की नगरी फिर कभी कलंकित न हो।” अब देखना होगा कि प्रदेश भाजपा नेतृत्व इस पत्र और पार्षद की मांग पर क्या रुख अपनाता है।
पार्टी के फैसले पर टिकी नजर
जीतू जाटव की वापसी को लेकर उठे विरोध ने इंदौर भाजपा में एक नया राजनीतिक मुद्दा खड़ा कर दिया है। फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर सदस्यता निरस्त करने की मांग की गई है।Indore BJP Controversy में आगे पार्टी संगठन क्या निर्णय लेता है और क्या प्रदेश नेतृत्व इस मामले में कोई जांच या पुनर्विचार करता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।





