बताया गया है कि युवक की पहचान अटेर क्षेत्र के सुरपुरा थाना इलाके के नखनौली मड़ैया गांव निवासी गोलू पुरवंशी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज बताया जा रहा है।चंबल पुल पर हाईवोल्टेज ड्रामा तब शुरू हुआ जब जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद गोलू को पता चला कि उसकी कथित प्रेमिका ने एक बच्ची को जन्म दिया है। युवक बच्ची को अपनी संतान बताते हुए उसे अपने साथ ले जाने की मांग करने लगा।
मांग नहीं मानी तो पुल की जाली पर चढ़ गया
चंबल पुल पर हाईवोल्टेज ड्रामा रविवार शाम करीब 6 बजे उस समय और गंभीर हो गया, जब युवक चंबल पुल की जाली पर जाकर लटक गया।नीचे चंबल नदी का गहरा पानी था और युवक किसी भी समय छलांग लगाने की धमकी दे रहा था। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस हरकत में आ गई।
MP और UP पुलिस ने मिलकर संभाला मोर्चा
चंबल पुल पर हाईवोल्टेज ड्रामा की सूचना मिलने के बाद मध्य प्रदेश के अटेर थाना और उत्तर प्रदेश के खैरा राठौर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।सीमा का मामला होने के बावजूद दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर युवक को बचाने की कोशिश शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने लगातार उससे बात की और उसे समझाने का प्रयास किया।
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60 मिनट तक चलता रहा समझाने का दौर
चंबल पुल पर हाईवोल्टेज ड्रामा के दौरान पुलिस ने युवक से धैर्य के साथ बातचीत की। उसे कानूनी रास्ते से मामला सुलझाने का भरोसा दिया गया और लगातार उसका ध्यान दूसरी तरफ रखने की कोशिश की गई।करीब एक घंटे तक चले इस प्रयास के बाद पुलिस युवक को समझाने में सफल रही। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से जाली से नीचे उतार लिया गया। राहत की बात रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
बच्ची को लेकर आखिर क्यों उठा विवाद?
चंबल पुल पर हाईवोल्टेज ड्रामा के पीछे नवजात बच्ची को लेकर युवक का दावा बताया जा रहा है। युवक का कहना था कि बच्ची उसकी संतान है और वह उसे अपने साथ रखना चाहता है।हालांकि, बच्ची को लेकर परिवार और युवक के बीच क्या कानूनी स्थिति है, यह जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया से ही साफ होगी। पुलिस पूरे मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
एक जिंदगी बची, लेकिन कई सवाल बाकी
चंबल पुल पर हाईवोल्टेज ड्रामा का सबसे बड़ा राहत वाला पहलू यह रहा कि पुलिस ने समय रहते युवक को सुरक्षित बचा लिया। अगर वह जाली से नीचे गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।फिलहाल इस घटना ने रिश्ते, कानून और एक नवजात बच्ची से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्ची की सुरक्षा और उसके भविष्य को लेकर आगे क्या कानूनी फैसला होता है, यह आने वाले समय में साफ होगा।