नई दिल्ली [Nishanebaaz News] FSSAI Action On Big Brands। देश में खाद्य सामग्री बेचने वाली कंपनियों द्वारा दी जाने वाली जानकारियों की शुद्धता और पारदर्शिता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। FSSAI द्वारा 6 प्रमुख ब्रांड्स को जारी किए गए नोटिस के बाद अब इन कंपनियों ने अपने विज्ञापनों, पैकेजिंग और भ्रामक दावों में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इन प्रतिष्ठानों में डाबर इंडिया और फर्न्स एन पेटल्स जैसी नामचीन कंपनियां प्रमुखता से शामिल हैं।
डाबर ने आयुर्वेदिक तेल की कैटेगरी में किया बदलाव कार्रवाई के मुख्य बिंदुओं में Dabur Product Category Change FSSAI का मामला विशेष रूप से सामने आया है। प्राधिकरण की जांच में पाया गया कि डाबर एक आयुर्वेदिक औषधीय तेल को खाद्य तेल (एडिबल ऑयल) के रूप में विज्ञापित और प्रदर्शित कर रही थी। नियामक के कड़े रुख के बाद डाबर ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को इसे सही श्रेणी में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं तथा कंपनी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसे आयुर्वेदिक दवा की सही श्रेणी में स्थानांतरित कर रही है।
फर्न्स एन पेटल्स के चॉकलेट प्रोडक्ट में पाई गईं कमियां सामग्री से जुड़े विवाद में Ferns N Petals Chocolate Label Issue के अंतर्गत कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। कंपनी के एक चॉकलेट उत्पाद में कोकोआ बटर के स्थान पर हाइड्रोजनेटेड वेजिटेबल फैट का प्रयोग किया गया था, परंतु लेबल पर इसकी स्पष्ट चेतावनी दर्ज नहीं थी। इसके अतिरिक्त पैकेजिंग पर बादाम का चित्र होने के बावजूद घटक सूची में आम की मात्रा का उल्लेख नहीं था और न ही दैनिक पोषण आवश्यकता (RDA) दर्शाई गई थी। कंपनी ने अब अपने सभी संबंधित उत्पादों के लेबल संशोधित कर दिए हैं।
अन्य 4 कंपनियों पर भी हुआ असर नियामक की इस सख्ती के दायरे में FSSAI Notice To Six Companies के तहत लोटे इंडिया कॉर्पोरेशन, ईट बेटर वेंचर्स, एस एस प्रोडक्ट प्रोप और ओम साईं हेल्थकेयर भी शामिल थीं। लोटे इंडिया ने अपने पैकेट्स से 100% शुद्धता वाले दावे हटा लिए हैं, जबकि ईट बेटर वेंचर्स ने वीगन और तुलनात्मक दावों को वापस ले लिया है। इसके अलावा ओम साईं हेल्थकेयर अपनी वेबसाइट और विपणन सामग्री में आवश्यक फेरबदल कर रही है।
ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा और जवाबदेही खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण के अनुसार Food Safety Misleading Ads Action के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जा रही है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले विज्ञापनों या भ्रामक पैकेजिंग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रशासनिक पहल का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों तक खाद्य वस्तुओं की सटीक और प्रामाणिक जानकारी पहुंचाना है।





