Tuesday, August 18, 2026
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MP Cabinet Meeting: लाड़ली बहना-लाड़ली लक्ष्मी से नर्मदा मिशन तक बड़े फैसले कैबिनेट ने हजारों करोड़ की योजनाओं को दी मंजूरी

[Nishaanebaz News] MP Cabinet Meeting: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 18 अगस्त को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में महिलाओं, किसानों, गर्भवती महिलाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सड़क, विज्ञान और पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं को आगे जारी रखने के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई। इसके साथ ही प्रदेश की जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ यानी नमन मिशन के गठन को भी मंजूरी दी गई।

कैबिनेट के फैसलों में खास तौर पर लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी जैसी महिला केंद्रित योजनाओं के लिए अगले पांच वर्षों की वित्तीय व्यवस्था तय की गई है। वहीं स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए भी हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

नर्मदा संरक्षण के लिए बनेगा ‘नमन मिशन’

कैबिनेट ने नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और लंबे समय तक सतत प्रबंधन के लिए ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ बनाने का फैसला लिया है। सरकार के अनुसार मध्यप्रदेश की करीब 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है।

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इसलिए नर्मदा के संरक्षण के लिए अलग और एकीकृत संस्थागत व्यवस्था तैयार की जाएगी। मिशन में पर्यावरण, जल विज्ञान, नदी विज्ञान, जैव विविधता और सामुदायिक प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।नमन मिशन की साधारण सभा की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री उपाध्यक्ष होंगे, जबकि 19 विभागों के मंत्री सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।

हर साल 200 करोड़ रुपये का प्रावधान

नर्मदा संरक्षण से जुड़े कार्यों के लिए मिशन निधि में राज्य सरकार की ओर से हर वर्ष 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा वन विभाग की CAMPA निधि से भी 100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।मिशन को CSR, केंद्रीय सहायता और PPP मॉडल के जरिए भी आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। नर्मदा नदी की स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट बनाई जाएगी, जिसमें AI, GIS, रिमोट सेंसिंग, डेटा एनालिटिक्स और जलवायु मॉडलिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

लाड़ली बहना योजना के लिए 1.14 लाख करोड़ से ज्यादा

महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाली मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कैबिनेट ने 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।वर्तमान में योजना के तहत करीब 1.27 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। पात्र महिलाओं को DBT के जरिए हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण और परिवार में निर्णय लेने की भूमिका को सशक्त बनाना है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16,326 करोड़ रुपये

बालिकाओं के लिए संचालित मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना को भी अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला लिया गया है। इसके लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।योजना का उद्देश्य बालिका जन्म को लेकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंगानुपात में सुधार करना, बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना तथा उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है।सरकार के अनुसार अब तक करीब 50.99 लाख बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए 2,137 करोड़

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।योजना के तहत पात्र महिला को पहले प्रसव पर निर्धारित शर्तें पूरी करने पर कुल 5 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं दूसरे प्रसव में बालिका जन्म होने पर पात्र हितग्राही को 6 हजार रुपये का लाभ देने का प्रावधान है।इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की आंशिक क्षतिपूर्ति देना और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

कृषि क्षेत्र के लिए 870 करोड़ रुपये

कृषि, शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी तीन योजनाओं के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए 310 करोड़ 23 लाख रुपये दिए जाएंगे। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर की ब्लॉक ग्रांट योजना के लिए 469 करोड़ 93 लाख रुपये और कृषि क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के लिए 90 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।इस राशि का इस्तेमाल कृषि शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण, प्रयोगशालाओं और कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने में किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 11,835 करोड़ रुपये

प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने कुल 11 हजार 835.35 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।इसमें उप स्वास्थ्य केंद्र योजना के लिए 4,742 करोड़ 45 लाख रुपये, स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए 518 करोड़ 93 लाख रुपये, अस्पताल एवं औषधालय भवन निर्माण के लिए 3,219 करोड़ 22 लाख रुपये और आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने के लिए 3,354 करोड़ 75 लाख रुपये शामिल हैं।सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों की सुविधाओं को बेहतर करने के साथ जरूरी उपकरण और आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराना है।

71 हजार आशा कार्यकर्ताओं को मिलेगा फायदा

मध्यप्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हैं। सरकार के अनुसार प्रदेश में करीब 71 हजार आशा कार्यकर्ता और 5,200 आशा पर्यवेक्षक कार्यरत हैं।आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, टीबी, मलेरिया और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित सेवाएं और जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इनके लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि की योजना को भी जारी रखा जाएगा।

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सड़क विकास निगम में 35 नए पदों को मंजूरी

मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में पहले से स्वीकृत 288 पदों के अलावा 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है। वहीं सात पहले से स्वीकृत पदों की निरंतरता भी 18 सितंबर 2031 तक बनाए रखने का फैसला किया गया है।इन पदों से करीब 4 करोड़ 12 लाख रुपये का वार्षिक वित्तीय भार आने का अनुमान है। इसकी पूर्ति निगम अपने स्रोतों से करेगा।

विज्ञान और तकनीक के लिए 734 करोड़

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों के लिए 734 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए 201 करोड़ 28 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत GIS, रिमोट सेंसिंग, जैव प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन अध्ययन, ग्रामीण तकनीक और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में काम को बढ़ावा दिया जाएगा।

विज्ञान जागरूकता के लिए भी बड़ा बजट

विज्ञान को आम लोगों और खासकर ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए 172 करोड़ 52 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके तहत मोबाइल विज्ञान प्रयोगशालाएं, विज्ञान शिक्षा कार्यशालाएं, विज्ञान मेले और विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।वहीं मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241 करोड़ 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

पांच साल की योजनाओं पर सरकार का फोकस

कैबिनेट बैठक के फैसलों से साफ है कि राज्य सरकार ने आने वाले पांच वर्षों के लिए कई प्रमुख योजनाओं की वित्तीय निरंतरता तय कर दी है। महिला कल्याण योजनाओं के साथ नर्मदा संरक्षण, स्वास्थ्य, कृषि, सड़क, विज्ञान और तकनीक को भी प्राथमिकता दी गई है।लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं के लिए बड़े बजट की मंजूरी जहां महिला एवं बालिका कल्याण पर सरकार के फोकस को दर्शाती है, वहीं नर्मदा मिशन और स्वास्थ्य के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान प्रदेश की पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं।

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