धमतरी [Nishanebaaz News] Dhamtari Edited Video Cyber Crime। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी एवं भ्रामक विषय-वस्तु के प्रसार को लेकर धमतरी की सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने एक सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। कुरुद स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में पार्टी ध्वज फहराए जाने के एक पुराने वीडियो को एडिट कर उसे राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित असत्य दावे के साथ प्रसारित करने वाले दो व्यक्तियों को पुलिस ने धर दबोचा है।
पुरानी फुटेज में किया गया अनधिकृत फेरबदल मामले की विस्तृत पृष्ठभूमि पर Dhamtari Police Action On Misleading Post के तहत जानकारी मिली कि 22 मार्च 2026 को कुरुद स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा दलीय ध्वज फहराया गया था। आरोपियों ने इसी दृश्य-श्रव्य सामग्री को डिजिटल टूल के जरिए रूपांतरित किया और उसमें भ्रामक कूटशीर्षक जोड़कर इंस्टाग्राम एवं फेसबुक जैसे डिजिटल मंचों पर सार्वजनिक कर दिया।
डिजिटल साक्ष्य और एप्लिकेशन का खुलासा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 190/2026 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4) एवं 353(2) के तहत मामला पंजीबद्ध किया। News Banao App Edited Video Arrest के क्रम में विवेचना के दौरान संदिग्धों के उपकरण की फॉरेंसिक जांच की गई। जांच एजेंसी को हटाए गए डेटा रिकवरी अनुभाग से संपादन में प्रयुक्त एप्लिकेशन, स्क्रीनशॉट और मूल तस्वीरों के पुख्ता प्रमाण प्राप्त हुए, जिनका विधिवत पंचनामा तैयार किया गया।
साक्ष्य संकलन के पश्चात आरोपियों की गिरफ्तारी पर्याप्त डिजिटल प्रमाण प्राप्त होने के उपरांत BNS Section 353 Cyber Crime Dhamtari के तहत 18 अगस्त को कार्रवाई करते हुए ग्राम जिल्दी (थाना व जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़) निवासी भुनेश्वर निराला (उम्र 25 वर्ष) एवं राकेश निराला (उम्र 32 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए लगभग 45 हजार रुपये मूल्य के दो स्मार्टफोन जब्त किए गए हैं। तत्पश्चात दोनों को सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
प्रशासन की सतर्कता अपील एवं हिदायत कार्रवाई के समापन पर Dhamtari Social Media Misleading News Action के अंतर्गत जिला पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी असत्यापित अथवा संपादित दृश्य सामग्री को अग्रसारित करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। बिना सत्यता जांचे भ्रामक पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।





