Monday, August 17, 2026
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Tiger Terror Kanker Maharashtra Border: कांकेर-महाराष्ट्र सीमा पर बाघ की दहशत: हमले में एक युवक की मौत, पीवी-19 में अलर्ट

कांकेर/पखांजूर [Nishanebaaz News]Tiger-Terror-Kanker-Maharashtra-Border। छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से लगे कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में एक खूंखार बाघ की मौजूदगी से सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। पखांजूर से सटे महाराष्ट्र के सीमावर्ती गांव में बाघ के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं पखांजूर क्षेत्र के पीवी-19 गांव में बाघ के पंजों के निशान (पदचिह्न) मिलने और एक गाय के शिकार की घटना के बाद दोनों राज्यों का वन अमला पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर आ गया है। इस बीच सड़क किनारे खड़े बाघ का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।

महाराष्ट्र के दोढाडा गांव में बाघ का हमला, युवक की मौत मिली जानकारी के मुताबिक, कांकेर सीमा से लगे महाराष्ट्र के दोढाडा गांव निवासी हरीलाल वड्डडे जंगल की ओर गए हुए थे। इसी दौरान घात लगाए बाघ ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में अत्यधिक चोट आने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद महाराष्ट्र वन विभाग की टीम ने आसपास के इलाकों में लोगों को सतर्क किया और तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

पखांजूर के पीवी-19 गांव में दिखे पदचिह्न, गाय का शिकार कांकेर जिले के पखांजूर अंतर्गत पीवी-19 गांव के आसपास ग्रामीणों ने विशालकाय वन्यजीव के पदचिह्न देखे थे। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें पंजों के निशान बाघ के होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। क्षेत्र में एक गाय का शिकार भी हुआ है, जिसकी आशंका जताई जा रही है कि बाघ ने ही उसे अपना निवाला बनाया है। इसके अलावा कार सवार राहगीरों द्वारा सुरक्षित दूरी से बनाया गया बाघ का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ी, वन विभाग की अपील महाराष्ट्र के इस सीमावर्ती जंगल को वन्यजीवों के आवागमन वाले प्रमुख कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है। घटना के बाद छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र वन विभाग की संयुक्त टीमें अलर्ट पर हैं और बाघ के मूवमेंट की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है।

वन विभाग ने ग्रामीणों के लिए आवश्यक सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • सुबह और शाम के समय जंगल या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में अकेले जाने से पूरी तरह बचें।
  • मवेशियों को चराने के लिए जंगल ले जाने वाले ग्रामीण अतिरिक्त सावधानी बरतें।
  • बाघ दिखने पर उसके पास जाने, घेराबंदी करने या वीडियो/फोटो बनाने के लिए पीछा करने की गलती न करें।
  • बाघ दिखने पर उसकी तत्काल सूचना निकटतम वन विभाग के अमले को दें।
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