Wednesday, September 2, 2026
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Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी कब है? जानिए पूजा विधि, शुभ योग, पंचांग और विसर्जन की सही तारीख

Ganesh Chaturthi 2026: सनातन धर्म में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य देवता का स्थान प्राप्त है। किसी भी मांगलिक कार्य, यज्ञ या नई शुरुआत से पहले भगवान गणपति की आराधना अनिवार्य मानी गई है। यही वजह है कि भाद्रपद मास में आने वाली गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में, विशेषकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

साल 2026 में दस दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत 14 सितंबर 2026, सोमवार से होने जा रही है। मान्यता है कि इसी पावन तिथि को सुख-समृद्धि और बुद्धि के दाता भगवान गणेश का जन्म हुआ था। आइए जानते हैं इस साल मूर्ति स्थापना का श्रेष्ठ मुहूर्त, पूजा विधि और बनने वाले अद्भुत संयोगों के बारे में।

गणेश चतुर्थी 2026: तिथि और पंचांग गणना

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 14 सितंबर 2026 को सुबह 07:06 बजे से होगी, जो अगले दिन 15 सितंबर 2026 को सुबह 07:44 बजे समाप्त होगी। चूंकि गणेश चतुर्थी का व्रत और स्थापना चंद्रोदय व मध्याह्न काल के आधार पर तय की जाती है, इसलिए 14 सितंबर को ही मुख्य पर्व मनाया जाएगा।

  • गणेश चतुर्थी तिथि: 14 सितंबर 2026, सोमवार

  • चतुर्थी तिथि प्रारंभ: सुबह 07:06 बजे (14 सितंबर)

  • चतुर्थी तिथि समाप्त: सुबह 07:44 बजे (15 सितंबर)

स्थापना और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

घर या पंडालों में बप्पा की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भक्तों को इस साल लगभग ढाई घंटे का अत्यंत श्रेष्ठ समय मिलेगा।

  • पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 11:02 बजे से दोपहर 01:31 बजे तक

  • कुल अवधि: 2 घंटे 08 मिनट

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:52 बजे से 12:41 बजे तक

इस बार बन रहा है तीन शुभ योगों का महासंयोग

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2026 की गणेश चतुर्थी बेहद खास होने वाली है क्योंकि इस दिन तीन बड़े शुभ योग एक साथ आ रहे हैं:

  1. ब्रह्म योग: सूर्योदय से लेकर दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा।

  2. इंद्र योग: ब्रह्म योग की समाप्ति के बाद दोपहर से शुरू होगा।

  3. रवि योग: दोपहर 01:55 बजे से शुरू होकर अगले दिन 15 सितंबर की सुबह 06:06 बजे तक रहेगा।

विशेष मान्यता: इन शुभ योगों की उपस्थिति में की गई पूजा, व्रत और नए व्यापार या कार्य की शुरुआत जातकों के जीवन में स्थिरता, सफलता और मानसिक शांति लेकर आती है।

14 सितंबर 2026 का विस्तृत पंचांग (मुख्य मुहूर्त)

क्रम संख्या मुहूर्त का प्रकार समय (Timing)
1 सूर्योदय / सूर्यास्त सुबह 06:05 बजे / शाम 06:28 बजे
2 चंद्रोदय / चंद्रास्त सुबह 09:06 बजे / रात 08:04 बजे
3 ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:32 बजे से 05:19 बजे तक
4 अमृत काल सुबह 07:18 बजे से 08:57 बजे तक
5 विजय मुहूर्त दोपहर 02:20 बजे से 03:10 बजे तक
6 गोधूलि मुहूर्त शाम 06:28 बजे से 06:51 बजे तक

घर पर गणेश स्थापना की सरल पूजा विधि

यदि आप इस बार अपने घर पर इको-फ्रेंडली या मिट्टी के गणेश जी स्थापित कर रहे हैं, तो इस सरल और प्रामाणिक विधि का पालन करें:

  • पवित्रता: सबसे पहले सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल को साफ कर गंगाजल छिड़कें।

  • चौकी की तैयारी: एक लकड़ी की चौकी पर पीला या लाल सुंदर वस्त्र बिछाएं और उस पर थोड़े से अक्षत (चावल) रखें।

  • गणपति स्थापना: अक्षत के ऊपर भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित करें। स्थापना के समय ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का लगातार मानसिक जाप करते रहें।

  • स्नान व शृंगार: प्रतिमा पर प्रतीकात्मक रूप से पंचामृत और शुद्ध जल की बूंदें छिड़कें। इसके बाद बप्पा को चंदन का तिलक लगाएं, सिंदूर अर्पित करें, जनेऊ पहनाएं और उनका प्रिय दूर्वा (दूब घास) व लाल फूल चढ़ाएं।

  • भोग और आरती: गणपति जी को मोदक या बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं। अंत में घी का दीपक जलाकर परिवार सहित गणेश जी की आरती गाएं और भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना करें।

गणेश विसर्जन 2026 कब होगा?

गणेश चतुर्थी से शुरू होकर यह महोत्सव अगले 10 दिनों तक चलता है और अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदाई दी जाती है। साल 2026 में भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11:18 बजे से शुरू होगी और 25 सितंबर की रात 11:06 बजे समाप्त होगी।

अतः उदयातिथि की गणना के अनुसार, 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को देश भर में बेहद भावुक और भक्तिमय माहौल में गणेश विसर्जन किया जाएगा, जिसके साथ ही इस महापर्व का समापन होगा।

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