Sunday, August 30, 2026
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आज से बदल गया भारत-UK व्यापार का खेल! मुक्त व्यापार समझौता लागू, इन सेक्टरों को होगा जबरदस्त फायदा

India UK FTA: भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता आज से पूरी तरह लागू हो गया है। कई वर्षों की बातचीत के बाद लागू हुए इस समझौते को भारत और यूनाइटेड किंगडम के आर्थिक संबंधों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता लागू होने से भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में पहले की तुलना में अधिक आसान और कम लागत वाली पहुंच मिलेगी। इससे निर्यात बढ़ने के साथ कई उद्योगों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

नए भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता के तहत भारत के लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों वाले उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। इसका सबसे अधिक फायदा टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, लेदर, फुटवियर, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल और प्रोसेस्ड फूड उद्योग को मिलने की संभावना है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए ब्रिटिश बाजार में प्रतिस्पर्धा करना आसान होगा।

इन सेक्टरों को मिल सकता है सबसे बड़ा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता श्रम आधारित उद्योगों के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। कपड़ा, चमड़ा, जूता उद्योग, प्रोसेस्ड फूड, समुद्री उत्पाद और कुछ कृषि उत्पादों के निर्यात में तेजी आ सकती है। इसके अलावा डिजिटल व्यापार, सरकारी खरीद, नवाचार, छोटे उद्योग, सप्लाई चेन और टिकाऊ विकास जैसे क्षेत्रों को भी इस समझौते में शामिल किया गया है।
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ब्रिटेन के बाजार में अभी भी बड़ी संभावना
भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता ऐसे समय लागू हुआ है जब ब्रिटेन का आयात बाजार बेहद बड़ा है। वर्ष 2025 में ब्रिटेन ने करीब 928.9 अरब डॉलर का आयात किया, लेकिन उसमें भारत की हिस्सेदारी केवल 1.6 प्रतिशत रही। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय कंपनियां गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा में सुधार करती हैं तो आने वाले वर्षों में यह हिस्सेदारी काफी बढ़ सकती है।

आईटी, हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर को भी फायदा
भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता केवल वस्तुओं के व्यापार तक सीमित नहीं है। इससे सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा क्षेत्र में भी भारतीय कंपनियों और पेशेवरों को बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है। भारतीय शेफ, योग प्रशिक्षक, शास्त्रीय संगीतकार और अन्य पेशेवरों के लिए भी ब्रिटेन में काम करना पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकता है।

भारतीय पेशेवरों को बड़ी राहत
इस भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता के साथ लागू हुए डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन के तहत ब्रिटेन में अस्थायी रूप से काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को सोशल सिक्योरिटी योगदान में बड़ी राहत मिलेगी। पहले यह छूट तीन साल तक थी, जिसे अब बढ़ाकर पांच साल कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों और कंपनियों दोनों की लागत कम होगी।

ब्रिटिश गाड़ियों पर भी घटेगी आयात शुल्क
भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता के तहत ब्रिटेन में बनी कारों पर भारत में लगने वाला आयात शुल्क चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा। वर्तमान में कुछ वाहनों पर 110 प्रतिशत तक लगने वाला शुल्क अगले पांच वर्षों में तय कोटा के तहत घटकर 10 प्रतिशत तक आ सकता है। हालांकि इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड और हाइड्रोजन आधारित कुछ महंगी गाड़ियों पर यह राहत बाद के चरणों में लागू होगी।

चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं
हालांकि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता भारतीय उद्योगों के लिए बड़ा अवसर है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सफलता केवल शुल्क कम होने से नहीं मिलेगी। ब्रिटेन के सख्त गुणवत्ता मानकों, खाद्य सुरक्षा नियमों, तकनीकी प्रमाणन और अन्य नियामकीय शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा। विशेष रूप से खाद्य उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, रसायन और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए यह बड़ी चुनौती रहेगी।

समझौते की असली परीक्षा अब शुरू
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता की वास्तविक सफलता इसके लागू होने के बाद दिखाई देगी। यदि भारतीय उद्योग गुणवत्ता सुधार, मजबूत सप्लाई चेन, अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन और ब्रिटेन में व्यावसायिक नेटवर्क विकसित करने में सफल रहते हैं, तो यह समझौता भारत के निर्यात और अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक पहुंचा सकता है।

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