Saturday, August 22, 2026
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CG Monsoon Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र से पहले बढ़ीं सरगर्मियां: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मिले सीएम साय और नेता प्रतिपक्ष महंत, इन मुद्दों पर मचेगा घमासान

CG Monsoon Session: रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र आगामी 13 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत से ठीक पहले प्रदेश में राजनैतिक सरगर्मियां और रणनीतिक बैठकें बेहद तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित स्पीकर हाउस पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे से अधिक समय तक गंभीर चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक के ठीक बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी स्पीकर हाउस पहुंचे और उन्होंने भी विधानसभा अध्यक्ष से पृथक मुलाकात कर सत्र के संदर्भ में विमर्श किया।

सदन के सुचारू संचालन को लेकर हुई चर्चा

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष के बीच हुई इस मुलाकात के दौरान आगामी मानसून सत्र की तैयारियों, सरकारी विधेयकों और सदन के सुचारू व शांतिपूर्ण संचालन से जुड़े विभिन्न तकनीकी व विधिक मुद्दों पर बातचीत हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सीधे मंत्रालय (महानदी भवन) के लिए रवाना हो गए। इसके तत्काल बाद पहुंचे नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की स्पीकर से हुई मुलाकात को भी विपक्ष की सत्र संबंधी रणनीति और सदन की गरिमापूर्ण कार्यवाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विपक्ष ने तैयार किए 1,033 प्रश्न, सरकार को घेरने की तगड़ी घेराबंदी

इस बार का मानसून सत्र भले ही पांच दिवसीय और संक्षिप्त हो, लेकिन सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त सियासी खींचतान देखने को मिलेगी। इसकी बानगी इसी बात से समझी जा सकती है कि सत्र के लिए विधायकों की ओर से अब तक रिकॉर्ड 1,033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था, बिजली-पानी का संकट, जर्जर सड़कों का निर्माण और मानसून के दौरान उपजी प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को लेकर सरकार को चौतरफा घेरने का मन बनाया है। सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक होने के पूरे आसार हैं।

नकटी भूमि विवाद और किसानों के मुद्दों पर मचेगा बवाल

इस सत्र में रायपुर के नकटी गांव में हुई हालिया अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, प्रभावितों के विस्थापन का मुद्दा और विधायक आवास के लिए प्रस्तावित भूमि से जुड़ा विवाद प्रमुखता से गूंजेगा। कांग्रेस इस संवेदनशील विषय को सरकार की कार्यशैली और प्रशासनिक संवेदनहीनता के खिलाफ एक बड़ा हथियार बनाने जा रही है।

इसके अतिरिक्त, खरीफ सीजन के ऐन वक्त पर किसानों को खाद और उन्नत बीजों की अनुपलब्धता, ग्रामीण अंचलों में सुचारू बिजली आपूर्ति न होना, सिंचाई की बदहाल व्यवस्था और आगामी धान खरीदी की अधूरी तैयारियों को लेकर भी विपक्ष कृषि मंत्री और सरकार से सीधे जवाब मांगेगा। विपक्ष का सीधा आरोप है कि सरकार की ढुलमुल नीतियों के कारण अन्नदाता परेशान हैं। ऐसे में तय है कि 13 जुलाई से शुरू हो रहा यह सत्र बेहद हंगामेदार रहने वाला है।

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