Thursday, August 20, 2026
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MP में ट्रांसफर रिश्वत कांड पर बड़ा एक्शन, कृषि मंत्री के OSD समेत 3 कर्मचारी सस्पेंड

MP Transfer Bribery Case: MP ट्रांसफर रिश्वत मामला में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के कार्यालय से जुड़े तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें कृषि मंत्री के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) अशोक कुमार बाथम, पर्सनल असिस्टेंट (PA) दिनेश भकोरिया और स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया शामिल हैं। इन पर तबादलों के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने के आरोप लगे हैं। फिलहाल मामले की विभागीय जांच जारी है।

MP ट्रांसफर रिश्वत मामला के तहत किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने OSD अशोक कुमार बाथम के निलंबन का आदेश जारी किया है। विभाग के अनुसार उनके खिलाफ सामने आई शिकायतों और उपलब्ध प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है।आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सीधी जिला रहेगा।

PA और स्टेनो भी हुए सस्पेंड
MP ट्रांसफर रिश्वत मामला में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने अलग-अलग आदेश जारी कर पर्सनल असिस्टेंट दिनेश भकोरिया और स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया को भी निलंबित कर दिया है।विभाग का कहना है कि दोनों कर्मचारियों के खिलाफ तबादलों के बदले पैसे मांगने के आरोप सामने आए थे। निलंबन के बाद दोनों का मुख्यालय सामान्य प्रशासन विभाग (GAD पूल), मंत्रालय भोपाल निर्धारित किया गया है।
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ट्रांसफर अवधि के दौरान सामने आईं शिकायतें
MP ट्रांसफर रिश्वत मामला की शुरुआत उस समय हुई जब प्रदेश में 1 जून से 16 जून 2026 तक तबादलों पर लगी रोक हटाई गई थी। इसी दौरान विभिन्न विभागों में तबादलों को लेकर अनियमितताओं और कथित रिश्वत लेने की शिकायतें सामने आईं।शिकायतों के बाद संबंधित विभागों ने प्रारंभिक जांच शुरू की और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तीनों कर्मचारियों को निलंबित करने का फैसला लिया।

जांच रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला
MP ट्रांसफर रिश्वत मामला में सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की गई है। मामले की विस्तृत विभागीय जांच अभी जारी है।जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई भी संभव है।

सरकार ने पारदर्शिता पर दिया जोर
MP ट्रांसफर रिश्वत मामला को लेकर राज्य सरकार का कहना है कि प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पूरे मामले पर विभागीय जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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