Dantewada Cyber Crime: फकरे आलम खान/बचेली/दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। बचेली निवासी एक प्रार्थी से पहचान पत्र (आईडी कार्ड) वेरिफिकेशन और मनी लॉन्ड्रिंग की धमकी देकर ₹19.50 लाख की भारी-भरकम साइबर ठगी करने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। दंतेवाड़ा साइबर सेल और स्थानीय थानों की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुदूर दक्षिण भारत के केरल राज्य के पलक्कड़ जिले में दबिश देकर दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।
डिजिटल अरेस्ट और मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर की थी बड़ी ठगी
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बचेली निवासी प्रार्थी के पास अज्ञात साइबर ठगों का कॉल आया था। आरोपियों ने प्रार्थी को डराया कि उसका पहचान पत्र मनी लॉन्ड्रिंग (काले धन को सफेद करने) जैसी गंभीर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल पाया गया है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई का खौफ दिखाकर 15 अक्टूबर 2025 से 30 अक्टूबर 2025 के बीच प्रार्थी से किश्तों में कुल ₹19,50,000/- की ठगी कर ली गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बचेली में अपराध क्रमांक 45/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
रेंटेड बैंक अकाउंट्स और क्रिप्टोकरेंसी का शातिर नेटवर्क
पुलिस अधीक्षक (SP) दंतेवाड़ा श्री गौरव राय के कुशल निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आर.के. बर्मन के मार्गदर्शन में साइबर सेल नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक श्री ठाकुर गौरव सिंह के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। जांच टीम ने फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन एनालिसिस और अत्याधुनिक साइबर फॉरेंसिक टूल्स का उपयोग कर आरोपियों का सुराग लगाया।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी मोहम्मद अंसार (22 वर्ष) और पी.यू. मोहम्मद रूशीद (22 वर्ष) दोनों निवासी जिला पालक्कड (केरल), गरीब और सीधे-साधे लोगों के बैंक खातों को किराए पर लेते थे। इन रेंटेड बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी और तत्काल उस पैसे को ‘क्रिप्टोकरेंसी’ (Cryptocurrency) में बदल दिया जाता था, ताकि अपराध के डिजिटल साक्ष्यों और धन के मुख्य स्रोत को छुपाया जा सके।
9 राज्यों में फैला था जाल, 17 शिकायतें थीं दर्ज
केरल के पट्टाम्बी थाने के स्थानीय समन्वय से गिरफ्तार किए गए इन दोनों आरोपियों के बैंक खातों में लगभग ₹9 लाख का संदिग्ध ट्रांजैक्शन वर्तमान में ब्लॉक किया गया है। तकनीकी विश्लेषण से पता चला कि इन खातों के खिलाफ छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान और तमिलनाडु सहित देश के 9 राज्यों में कुल 17 साइबर शिकायतें पहले से ही दर्ज हैं। आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड, पासबुक और नगदी जब्त की गई है।
दंतेवाड़ा पुलिस की नागरिकों से विशेष अपील
इस बड़ी कामयाबी के बाद दंतेवाड़ा पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि कोई भी अनजान व्यक्ति फोन पर आईडी कार्ड वेरिफिकेशन, मनी लॉन्ड्रिंग, या ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर पैसों की मांग करे, तो बिल्कुल न डरें और न ही किसी के झांसे में आएं। अपने व्यक्तिगत दस्तावेज, बैंक खाता नंबर या ओटीपी किसी से साझा न करें। यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।







