Ketan Agrawal Murder Case: पुणे: महाराष्ट्र के पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। इस बार वह पुलिस की पूछताछ के कारण नहीं, बल्कि मीडिया के सामने अपने बेहद विवादित और आपत्तिजनक रवैये को लेकर चर्चा में है। पुलिस जब जांच के सिलसिले में सिया को उसके घर लेकर पहुंची, तो वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को देखकर उसने कैमरे की तरफ मिडिल फिंगर (Middle Finger) दिखा दी। सिया का यह विवादित रिएक्शन सोशल मीडिया पर सामने आते ही आग की तरह फैल गया है और लोग इस पर कड़ी नाराजगी जता रहे हैं।
कपड़े और सबूत बरामद करने पहुंची थी पुलिस
दरअसल, पुलिस की टीम सिया गोयल को उसके घर इसलिए लेकर गई थी ताकि वारदात के दिन उसके द्वारा पहने गए कपड़े और अन्य जरूरी सामान बरामद किए जा सकें। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन कपड़ों और सामानों से केस की कड़ियां और मजबूत होंगी। तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ अहम सामान भी जब्त किया है, जिसे तुरंत फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
मर्डर केस में तीसरे शख्स की एंट्री, क्लासमेट को पता थी प्लानिंग!
इस बीच, मामले की तफ्तीश में एक और चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस हत्याकांड में एक तीसरे युवक का नाम भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि यह युवक मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का क्लासमेट (सहपाठी) है, जिसे वारदात को अंजाम देने से पहले ही पूरी प्लानिंग (साजिश) के बारे में बता दिया गया था। हालांकि, इस तीसरे संदिग्ध की भूमिका को लेकर पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस, होगा पॉलीग्राफ टेस्ट
चूंकि इस मर्डर केस का कोई सीधा चश्मदीद (प्रत्यक्षदर्शी) गवाह नहीं है, इसलिए पुलिस पूरी तरह से वैज्ञानिक और डिजिटल सबूतों पर निर्भर है। जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर मामले को अदालत में मजबूत करने की कोशिश कर रही है। केस की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस अब मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ (लाई डिटैक्टर) टेस्ट कराने की तैयारी में है।
शुरुआती जांच के अनुसार, केतन अग्रवाल की हत्या एक सोची-समझी साजिश थी, लेकिन वर्तमान में सिया और चेतन दोनों ही पूछताछ में लगातार एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप मढ़ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी के ऐसे व्यवहार से केस पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा और उनका पूरा ध्यान ठोस चार्जशीट तैयार करने पर है।







