Satna Electric Buses: सतना। सतना जिले के लिए आवंटित 20 इलेक्ट्रिक बसों को कथित रूप से इंदौर और भोपाल भेजे जाने के आरोपों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मामले में सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे सतना के साथ अन्याय बताया है। पार्टी ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने और बसों को तत्काल सतना वापस लाने की मांग की है।
सरकार और प्रशासन पर कांग्रेस के सवाल
Satna Electric Buses: कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सतना के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी, एयरोड्रम, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर जैसी योजनाओं में भी जिले की अनदेखी की गई है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब सतना के लिए सुविधाएं स्वीकृत होती हैं, तो उन्हें दूसरे शहरों की ओर क्यों मोड़ दिया जाता है। साथ ही उन्होंने सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
कलेक्टर से जांच की मांग
Satna Electric Buses: कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि सतना के हिस्से की 20 इलेक्ट्रिक बसों की वर्तमान स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन नियमों और किस प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत इन बसों को अन्य शहरों में भेजा गया।पार्टी ने मांग की है कि यदि बसों का स्थानांतरण नियमों के विपरीत हुआ है, तो उन्हें तत्काल सतना वापस लाया जाए।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
Satna Electric Buses: मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक ओर सतना को स्मार्ट सिटी बनाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के लिए स्वीकृत सुविधाओं को दूसरे शहरों में भेजे जाने के आरोप लग रहे हैं।फिलहाल इस मामले में प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब नजर इस बात पर है कि जिला प्रशासन इस मामले की जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है।







