Ram Temple Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में लगी हैं। इसी सिलसिले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कथित चढ़ावा हेराफेरी में उनकी कोई सीधी भूमिका नहीं रही और जैसे ही उन्हें मामले की जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत कार्रवाई के लिए सहयोग किया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला पर पूछताछ के दौरान चंपत राय ने बताया कि संदिग्धों की पहचान कराने, उन्हें पकड़वाने और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया में उन्होंने पूरा सहयोग किया। उनका कहना है कि ट्रस्ट की ओर से किसी भी तरह की गड़बड़ी को छिपाने की कोशिश नहीं की गई। मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और जांच शुरू कराई गई।
नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला की जांच में चंपत राय ने यह भी कहा कि ट्रस्ट के महासचिव होने के नाते व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी उनकी जरूर थी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति पर भरोसा किया गया था, उसके इस तरह के कथित कृत्य की किसी को उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि विश्वास के आधार पर जिम्मेदारियां दी गई थीं।
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भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी हुए सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला की जांच केवल चोरी तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने ट्रस्ट से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों की नियुक्ति को लेकर भी सवाल किए। इस पर चंपत राय ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से उन्हें अवसर दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे फैसले सामूहिक स्तर पर लिए जाते थे और उनमें ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों की भी भूमिका रहती थी।
जांच में अब सबूतों का होगा मिलान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में जांच एजेंसियां अब चंपत राय के बयान की अन्य गवाहों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों से तुलना कर रही हैं। अधिकारियों का उद्देश्य पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर सामने लाना है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।
आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब उन्हें तय तारीख पर दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। इससे पहले पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, आभूषण और कुछ जरूरी दस्तावेज भी बरामद किए थे, जिनकी जांच जारी है।
आधिकारिक जांच पर टिकी निगाहें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला को लेकर अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर है। अभी तक किसी भी नए व्यक्ति की भूमिका को लेकर आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस और विशेष जांच दल सभी बयानों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई करेंगे।







