Crime Update CG: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला मुख्यालय से एक बड़ी और सनसनीखेज आपराधिक खबर सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्ततम और रिहायशी व्यावसायिक क्षेत्र इंदिरा मार्केट में स्थित ‘जलाराम रेस्टोरेंट और लॉज’ की आड़ में लंबे समय से संचालित हो रहे एक अनैतिक देह व्यापार (सेक्स रैकेट) का पुलिस ने विधिक रूप से भंडाफोड़ किया है। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों से लगातार मिल रही गोपनीय शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग सीएसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) श्री हर्षित मेहर के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने रविवार दोपहर को सुनियोजित विधिक घेराबंदी कर रेस्टोरेंट परिसर में अचानक दबिश दी।
इस हाईप्रोफाइल छापामार विधिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक परिस्थितियों में 3 युवतियों (लड़कियों) और 2 पुरुष ग्राहकों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
नीचे चलती थी आइसक्रीम की दुकान, ऊपर के गुप्त कमरों में होता था अनैतिक कृत्य
नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त विधिक विवरण के अनुसार, यह पूरा अवैध नेटवर्क सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम रेस्टोरेंट में फल-फूल रहा था। शातिर संचालकों ने पुलिस और समाज की नजरों से बचने के लिए एक अनोखा विधिक मुखौटा तैयार कर रखा था।
रेस्टोरेंट के जमीनी तल (ग्राउंड फ्लोर) पर बकायदा एक आधुनिक आइसक्रीम शॉप संचालित होती थी, जहां आम परिवारों और बच्चों का आना-जाना लगा रहता था। वहीं, इसी दुकान की आड़ लेकर ऊपरी मंजिल पर बने गुप्त लॉज के कमरों में अनैतिक व्यापार का घिनौना विधिक खेल खेला जा रहा था।
डिजिटल फिल्टरेशन से एंट्री: सिर्फ मोबाइल में सेव नंबर वाले पुराने ग्राहकों का ही था विधिक प्रवेश
पुलिस की विधिक विवेचना में यह चौंकाने वाला सच भी सामने आया है कि इस रैकेट के संचालक बेहद शातिर और तकनीकी रूप से सतर्क थे। पुलिस के बिछाए जाल और मुखबिरों से बचने के लिए उन्होंने एक कड़ा सुरक्षा घेरा बना रखा था। लॉज के भीतर केवल उन्हीं चुनिंदा और पुराने ग्राहकों को विधिक प्रवेश (एंट्री) दी जाती थी, जिनके मोबाइल नंबर और नाम संचालक के फोन बुक में पहले से सेव (सुरक्षित) थे।
किसी भी नए या अज्ञात व्यक्ति को लॉज के भीतर फटकने तक नहीं दिया जाता था ताकि पुलिसिया कार्रवाई और भंडाफोड़ से बचा जा सके। रविवार दोपहर करीब 3 बजे जब पुलिस की 3 गाड़ियां अचानक इंदिरा मार्केट पहुंचीं, तो इस डिजिटल सुरक्षा चक्र को भेदते हुए सीएसपी हर्षित मेहर की टीम ने पूरे परिसर को चारों तरफ से विधिक रूप से ब्लॉक कर दिया।
पीटा एक्ट (PITA) के तहत कड़ी विधिक कार्रवाई, मुख्य संचालक से गहन पूछताछ जारी
दबिश के दौरान पुलिस ने कमरों की सघन विधिक तलाशी ली, जहां से कई आपत्तिजनक सामग्रियां, मोबाइल फोन और नकदी विधिक रूप से जब्त की गईं। पुलिस टीम वर्तमान में मुख्य लॉज संचालक को हिरासत में लेकर सिटी कोतवाली थाने में गहन विधिक पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह अनैतिक कारोबार कब से संचालित था और इसके तार किन-किन अन्य सफेदपोशों से जुड़े हैं।
नगर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट) की विभिन्न सुसंगत और कड़ी विधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।







