Saturday, August 15, 2026
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CBSE का बड़ा ऐलान! मौजूदा 10वीं बैच पर नहीं लागू होगी तीन-भाषा नीति, छात्रों के लिए क्या बदलेगा?

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CBSE Three Language Policy: CBSE तीन-भाषा नीति को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि मौजूदा कक्षा 10 के छात्रों पर नई व्यवस्था लागू नहीं होगी। इससे इस साल बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई और परीक्षा पहले से तय नियमों के अनुसार ही होगी। CBSE तीन-भाषा नीति पर आए इस फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।

CBSE तीन-भाषा नीति के तहत बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कक्षा 10 में पढ़ रहे विद्यार्थियों को किसी नए नियम का पालन नहीं करना होगा। उनकी बोर्ड परीक्षा पहले से लागू व्यवस्था के अनुसार ही आयोजित होगी। इससे छात्रों को बीच सत्र में किसी अतिरिक्त बदलाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।

7वीं, 8वीं और 9वीं के छात्रों को भी परीक्षा में राहत
CBSE तीन-भाषा नीति के अनुसार वर्तमान में कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे छात्रों को भी जब वे भविष्य में 10वीं कक्षा में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। यानी भाषा सीखने की व्यवस्था में बदलाव होगा, लेकिन बोर्ड परीक्षा के स्तर पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।

विदेशी भाषा पढ़ने वाले छात्रों के लिए नया नियम
CBSE तीन-भाषा नीति के तहत जिन विद्यार्थियों ने पहले से दो विदेशी भाषाएं विषय के रूप में चुनी हैं, वे अपनी पढ़ाई पहले की तरह जारी रख सकेंगे। हालांकि नई गाइडलाइंस के अनुसार उन्हें एक अतिरिक्त भारतीय भाषा भी सीखनी होगी। यह व्यवस्था भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।

भारतीय भाषाओं को मिलेगा बढ़ावा
CBSE तीन-भाषा नीति का उद्देश्य केवल भाषा पढ़ाना नहीं, बल्कि छात्रों को भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। बोर्ड का मानना है कि भारतीय भाषाओं का अध्ययन विद्यार्थियों के समग्र विकास में मदद करेगा और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़कर रखेगा।
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पढ़ाई का ढांचा रहेगा संतुलित
नई CBSE तीन-भाषा नीति में यह भी ध्यान रखा गया है कि छात्रों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव न पड़े। इसलिए वर्तमान 10वीं बैच और आने वाले कुछ बैचों के लिए बोर्ड परीक्षा संबंधी नियमों में कोई अतिरिक्त बदलाव नहीं किया गया है। इससे छात्रों को पढ़ाई की योजना बनाने में आसानी होगी।

अभिभावकों और छात्रों की चिंता हुई कम
CBSE तीन-भाषा नीति को लेकर पिछले कुछ समय से छात्रों और अभिभावकों के बीच कई सवाल उठ रहे थे। नई गाइडलाइंस आने के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि मौजूदा छात्रों को अचानक किसी नई परीक्षा व्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा।

आगे कैसे लागू होगी नई व्यवस्था?
CBSE तीन-भाषा नीति के तहत आने वाले वर्षों में स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से नई व्यवस्था लागू करनी होगी। भारतीय भाषा को शिक्षा का हिस्सा बनाने पर जोर रहेगा, जबकि बोर्ड परीक्षा संबंधी व्यवस्था को संतुलित रखने की कोशिश की जाएगी। विस्तृत कार्यान्वयन से जुड़ी जानकारी बोर्ड समय-समय पर जारी करेगा।

छात्रों के लिए क्या है सबसे अहम बात?
फिलहाल CBSE तीन-भाषा नीति के तहत सबसे बड़ी राहत यह है कि मौजूदा 10वीं के छात्र और वर्तमान 7वीं, 8वीं व 9वीं के विद्यार्थियों को तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। वहीं विदेशी भाषा पढ़ने वाले छात्रों को अतिरिक्त भारतीय भाषा सीखनी होगी, लेकिन उनकी मौजूदा पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

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