Sunday, August 23, 2026
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Ambikapur Crime Horror: मासूम की आपबीती सुन कांप उठी मां की रूह: थाने पहुंचकर सगे पति के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर

Ambikapur Crime Horror: अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर से पवित्र सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को पूरी तरह से तार-तार और शर्मसार करने वाली एक बेहद नृशंस व घिनौनी वारदात सामने आई है। यहाँ गांधीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक कलयुगी और दरिंदे पिता ने अपनी ही 11 वर्ष की मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना डाला। इस आत्मघाती और घिनौनी करतूत का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित मासूम ने हिम्मत जुटाकर पूरी आपबीती अपनी मां को बताई। मां की लिखित शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए गांधीनगर थाना पुलिस ने आरोपी पिता को तत्काल घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया है। इस घटना के बाद से पूरे शहर और अदालती परिसर में स्थानीय नागरिकों और कानूनविदों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।

पहले भी करता था गलत हरकत की कोशिश, डरी-सहमी बच्ची ने मां को बताई सच्चाई

गांधीनगर पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी पिता पिछले काफी समय से घर में माहौल देखकर अपनी ही 11 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ और गलत हरकत करने की नीच कोशिशें करता रहता था। पिता की इन हरकतों से मासूम बच्ची बेहद डरी, सहमी और सहमी हुई रहती थी। लेकिन बीते दिनों आरोपी ने लोक-लाज और पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते की मर्यादा को पूरी तरह ताक पर रखते हुए मासूम के साथ दुष्कर्म (बलात्कार) की जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया।

शुरुआत में आरोपी ने बच्ची को किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी, परंतु इस असहनीय दर्द और सदमे को न सहते हुए मासूम बच्ची ने रोते हुए अपनी मां को पिता की इस पूरी हैवानियत की जानकारी दे दी।

मां ने ममता का फर्ज निभाते हुए पति को भिजवाया जेल; थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट

पति की इस घिनौनी और रूह कंपा देने वाली करतूत को सुनते ही मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने पारंपरिक लोक-लाज और सामाजिक लोक-लाज की परवाह किए बिना अपनी बेटी को न्याय दिलाने का फैसला किया। मां पीड़ित बच्ची को लेकर सीधे गांधीनगर पुलिस थाने पहुंची और कलयुगी पति के खिलाफ नामजद लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की नाबालिग उम्र को देखते हुए तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने तत्काल आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर उसे धरदबोचा।

दोपहर 3 बजे कोर्ट में पेशी के दौरान वकीलों और जनता का फूटा गुस्सा, भारी आक्रोश

शनिवार को पुलिस ने आरोपी पिता का जेपी मेमोरियल या जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर ठीक 3:00 बजे अंबिकापुर न्यायालय (कोर्ट) में पेश किया। जैसे ही पुलिस आरोपी को लेकर कोर्ट परिसर में दाखिल हुई, वहां पहले से मौजूद स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं (वकीलों) का गुस्सा फूट पड़ा।

अदालत परिसर में आरोपी के खिलाफ भारी नारेबाजी की गई और वकीलों ने इस घिनौने कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आरोपी की पैरवी न करने और उसे फांसी जैसी सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की। कोर्ट ने मामले के साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को जेल (न्यायिक रिमांड) भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं पुलिस पीड़ित बच्ची की काउंसलिंग और मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी कराने में जुटी हुई है।

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