Vegetable Names: छत्तीसगढ़ी भाषा की मिठास: मटर को कहते हैं ‘बटरा’, ‘लिमऊ’ और ‘रामकेलिया’ जैसे शब्दों में दिखती है लोकसंस्कृति की अनोखी पहचान

Vegetable Names: रायपुर। भारत के हृदय स्थल में बसा छत्तीसगढ़ राज्य अपनी अनूठी आदिवासी संस्कृति, घने जंगलों, खूबसूरत झरनों और प्राचीन मंदिरों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहाँ का खान-पान, पहनावा और बोलचाल का तरीका जितना सादा है, उतना ही दिलचस्प भी है। यहाँ की स्थानीय भाषा ‘छत्तीसगढ़ी’ वैसे तो हिंदी से काफी मिलती-जुलती है, लेकिन इसके बावजूद इसकी अपनी एक विशिष्ट शब्दावली और अनूठी बोलियाँ हैं। इसी विशिष्टता और देसीपन की एक बेहद मजेदार झलक यहाँ के स्थानीय सब्जी बाजारों में देखने को मिलती है। यहाँ रोज़मर्रा की कुछ सब्जियों के नाम इतने अजब-गजब और अनोखे हैं कि उन्हें पहली बार सुनकर कोई भी बाहरी व्यक्ति अपनी हंसी नहीं रोक पाएगा।Fresh green okra, also known as bhindi, is on sale, with the camera panning  from left to right to showcase its freshness.

भिंडी बन गई ‘रामकेलिया’ और टमाटर ‘पाताल’

छत्तीसगढ़ के बाजारों में जब आप सब्जी खरीदने निकलेंगे, तो यहाँ के नाम आपको हैरत में डाल देंगे। जिस हरी भिंडी को देश भर में लेडी फिंगर या भिंडी कहा जाता है, उसे छत्तीसगढ़ी में बड़े चाव से ‘रामकेलिया’ पुकारा जाता है। यह नाम सुनकर अक्सर यहाँ आने वाले पर्यटक और मेहमान चकित रह जाते हैं। हद तो तब हो जाती है जब हर रसोई की शान और लाल-लाल टमाटर को लोग यहाँ ‘पाताल’ नाम से मांगते हैं। अब टमाटर का पाताल लोक से क्या संबंध है, यह तो शोध का विषय हो सकता है, लेकिन यह नाम सुनने में बेहद मनोरंजक जरूर लगता है।429 Tamatar Stock Photos - Free & Royalty-Free Stock Photos from Dreamstime

प्याज को ‘गोदली’ और मटर को कहते हैं ‘बटरा’

सब्जियों के नामों का यह मजेदार सिलसिला यहीं नहीं थमता। खाने का स्वाद बढ़ाने वाली और हर तड़के की जान ‘प्याज’ को छत्तीसगढ़ी बोली में ‘गोदली’ कहा जाता है। अपनी अनूठी ध्वनि के कारण यह नाम हर किसी का ध्यान खींच लेता है। इसी तरह, सर्दियों की खास पहचान और सबकी पसंदीदा ‘मटर’ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी अंचलों में ‘बटरा’ बन जाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ‘बटरा’ शब्द में ही एक अलग तरह की मिठास और छत्तीसगढ़ की माटी का सोंधापन छिपा हुआ है।

‘लिमऊ’ की खटास में भी है अपनी भाषा का गौरव

इन सब के अलावा, खट्टे स्वाद वाले नींबू को छत्तीसगढ़ में ‘लिम्बु’ या ‘लिमऊ’ के नाम से जाना जाता है। हालांकि यह नाम हिंदी के नींबू शब्द से काफी हद तक मिलता-जुलता है, लेकिन इसके बावजूद इसका ठेठ स्थानीय उच्चारण इसे बेहद खास और अलग बना देता है। बाहर से आने वाले लोगों के लिए ये नाम भले ही थोड़े अटपटे या मजाकिया लगें, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ये शब्द उनकी सदियों पुरानी भाषाई पहचान, सरलता और समृद्ध संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा हैं। स्थानीय बाजारों में दुकानदारों द्वारा ग्राहकों को इन नामों का मतलब समझाना पर्यटकों के लिए एक बेहद सुखद और यादगार अनुभव बन जाता है।Limau Susu Information and Facts

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories