Monday, August 17, 2026
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Mahakal Bhasma Aarti: ब्रह्म मुहूर्त में गूंजा ‘हर-हर महादेव’, भव्य भस्म आरती ने भक्तों को किया भावविभोर

Mahakaleshwar Bhasma Aarti Ujjain
Mahakaleshwar Bhasma Aarti

Mahakal Bhasma Aarti: मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्वविख्यात महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में तड़के ब्रह्म मुहूर्त में भव्य भस्म आरती का आयोजन पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। सुबह करीब 4 बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।

देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु

इस दिव्य आरती के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। भगवान महाकाल के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

पंचामृत अभिषेक से हुआ शुभारंभ

भस्म आरती से पूर्व भगवान महाकाल का विधिपूर्वक पंचामृत अभिषेक किया गया। जल, दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से स्नान कराने के साथ पुजारियों ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। रुद्रपाठ और शंखध्वनि ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

भस्म श्रृंगार की अद्वितीय परंपरा

अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष भस्म श्रृंगार किया गया, जो इस आरती की सबसे विशिष्ट परंपरा मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भस्म जीवन की नश्वरता और वैराग्य का प्रतीक है, जो भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग की ओर प्रेरित करता है।

भक्ति और साधना का अद्भुत संगम

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, मंत्र-जप और ध्यान का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु शांत भाव से आरती के दर्शन करते हुए भक्ति में लीन नजर आए। मान्यता है कि भस्म आरती के दर्शन से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

वैश्विक आस्था का प्रमुख केंद्र उज्जैन

महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसका धार्मिक महत्व विश्वभर में प्रसिद्ध है। यहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि सनातन संस्कृति और आस्था का जीवंत प्रतीक भी है।

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