CG NEWS : एस.ई.सी.एल भू-अर्जन ग्राम कुर्मीभौना, पोरडी और पोरडा के निवासियों ने सौंपा ज्ञापन

Sanjay Sahu
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CG NEWS : गौरी शंकर गुप्ता / घरघोड़ा : ग्राम कुर्मीभौना, पोरडी और पोरडा में भू-अर्जन की धारा सन् 2008-09 से लगाकर 2024 से जमीन और घर का सर्वे किया जा रहा है अर्थात् भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है ,परंतु आज तक पूर्ण नही हो पाने को लेकर प्रभावित लोगों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा एवं संबंधित से जल्द निराकरण की माँग की है | उनकी मांगों मे प्रमुख रूप से भू-अर्जन की राशि जिस वित्तीय वर्ष के बाजार भाव से गणना की गई है। उस वर्ष के पश्चात भू-अर्जन राशि प्रदाय माह तक की अंतराल समय का 12 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज लगाकर भू-अर्जन की राशि प्रदान किया जावे।

 

CG NEWS : जैसे 2010 के अनुसार भू-अर्जन की गणना की जा रही है और अप्रैल 2026 में भू-अर्जन की राशि प्रदान की जाती है तो 16 वर्ष की अंतराल और मकान की गणना 2019-20 के अनुसार की जाती है तो 7 वर्ष की अंतराल होती है इसलिए जमीन की ब्याज 16 वर्ष और घर परिसम्पति की ब्याज 7 वर्ष की चक्रवृद्धि ब्याज से गणना करके भू-अर्जन की राशि प्रदान करना ;ब्याज की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि ग्राम बरौद का जमीन व परिसम्पत्ति का भू-अर्जन वर्ष 2009-10 में किया गया था जिसमें प्रति एकड़ 06 लाख, 08 लाख और 10 लाख की दर से जमीन का भू-अर्जन राशि के रूप में भुगतान किया गया था। विशेष बात यह है कि कुर्मीभौना, पोरडी और पोरडा ग्राम का मुआवजा 2026 में मिलने की संभावना है।

 

CG NEWS : इस तरह से 2010 और 2026 के मध्य मे अंतराल 16 वर्श पश्चात् भी जमीन का मुआवजा राषि 06 लाख, 08 लाख और 10 लाख प्रदान किया जा रहा है जो कि असंगत है। इस 16 वर्श मे तहसील घरघोड़ा जिला रायगढ़ के भूमि की दर कई गुना बढ गई है इसलिए 16 वर्षअंतराल का 12 प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर मुआवजा देना न्यायोचित होगा। उल्लेखनीय बात यह है कि वर्ष 2004-05 में ग्राम औरामुड़ा ग्राम पंचायत फगुरम तह. घरघोड़ा के भू-अर्जन पर एस.ई.सी.एल बरौद द्वारा ब्याज /अतिरिक्त राषि दिया जा चुका है। फलदार और इमारती पेड पौधे की गणना भू-राजस्व संहिता के मापदण्ड के अनुसार किया जावे।ग्राम के आबादी प्लाॅट जिसमें मकान बाड़ी है, जिसका वर्ष 2003-04 में पूरे छत्तीसगढ़ में शासन द्वारा छ.ग. के आबादी प्लाॅट का पट्टा दिया जा चुका है, इसलिए समस्त काबिज आबादी भूमि का एवं वन अधिकार पट्टा का भू-अर्जन राशि प्रदान किया जावे।

 

CG NEWS : प्रभावित गाँव में अधिकतर परिवार के घर मिटटी और खपरैल के बने हैं उन सभी का एलवेस्टर शीट मानकर राषि की गणना किया जावे या उनके घर की क्षेत्रफल के अनुरूप घर या परिवार के घर का गणना किये गए क्षेत्रफल के अनुसार उनके निर्धारित जहां आवास करेंगे, वहाँ पर घर बनाकर दिया जावे |मकान परिसम्पत्ति का वर्ष 2025-26 राजस्व बाजार भाव में मूल्यांकन किया जावे तथा सर्वेक्षित मकान की गणना में टाईल्स फर्श युक्त मकान को सर्व सुविधा युक्त दावा आपत्ति सर्वे टीम द्वारा नही माना जा रहा है। एस.ई.सी.एल प्रशासन द्वारा पूर्व मे जारी किए गए गणना पत्रक के अनुसार टाईल्स युक्त मकान को सर्व सुविधायुक्त मानते हुए 11,923/- रूपये प्रति वर्ग मीटर की दर से पत्रक तैयार किया गया था.

 

CG NEWS : जिसे वर्तमान मे दावा आपत्ति सर्वे टीम द्वारा निरस्त कर सामान्य पक्का फर्श मानकर 8903/- रूपये प्रति वर्गमीटर की दर से गणना करने की बात कही जा रही है। अतः टाईल्स फर्श युक्त आवासीय मकान को पूर्व मे तैयार किये गए गणना के अनुसार 11,923/- रूपये प्रति वर्गमीटर, दुकान को 16,316/- रूपये एवं कार्यालय को 14,434/- रूपये प्रति वर्गमीटर दर रखकर गणना पत्रक तैयार करना, प्रशासन द्वारा प्रति दो एकड़ में एक रोजगार, भू-अर्जन से प्रभावित परिवार के सदस्यों को दिये जाने का प्रावधान है। 25 दिसम्बर 2010 के पूर्व जन्म लिए संतान को ही के द्वारा रोजगार के लिए पात्र माना जा रहा है, जोकि यह अनुचित है, क्योंकि सर्वे 2026 में भी सतत रूप प्रक्रिया अधीन है, ऐसी स्थिति में भू-अर्जन राशि प्रदाय के पूर्व जन्म लिये संतानों को भी रोजगार के लिए पात्र मानते हुए उनके रोजगार को सुरक्षित रखा जावे।

 

CG NEWS : भू-अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण होने की स्थिति मे लाभान्वित परिवार के पात्र नौकरी धारक को नौकरी लगाने की सम्पूर्ण प्रक्रिया को सरलीकरण करने के साथ समस्त जिम्मेदारी एस.ई.सी.एल द्वारा 06 माह की अवधि के भीतर नौकरी लगाने की प्रक्रिया पूर्ण कर पात्र नौकरी धारक को नौकरी मिल सके। प्रशासन द्वारा 25 दिसम्बर 2010 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले परिवार के सदस्यों को ही विस्थापन लाभ दिये जाने का प्रावधान रखा गया है, जो कि यह अनुचित है, अतः वर्तमान भू अर्जन प्रदाय तिथि में जिन परिवारिक सदस्यों का उम्र 18 वर्ष पूर्ण हो गया है, उन सभी को परिवार मानकर विस्थापन लाभ प्रदान किया जावे। ग्राम के भू-स्वामियों द्वारा अपने जमीन पर विभिन्न उपयोग के लिए आलवेस्टर षीट से शेड निर्माण किया गया है.

 

CG NEWS : उसका मुआवजा गणना नहीं किया गया है, उन सभी को गणना कर मुआवजा -प्रदान किया जावे। ग्रामीणों ने कहा की उपरोक्त समस्या और मांग पर निदान, भावनात्मक विचार एवं शासन के नियमानुसार 100 प्रतिशत लाभ देते हुए 45 दिन में समस्त मुआवजा प्रक्रिया को पूर्ण कर हमारे समस्त ग्रामवासी को मुआवजा राशि प्रदान किया जावे तथा इस अवधि में पूर्ण नही होने पर पूर्व सर्वे व भू-अर्जन की धारा को शून्य घोषित करने की कार्यवाही किया जावे जिससे हम समस्त ग्रामवासियों को नवीन भू-अर्जन राजस्व सुविधा का समस्त लाभ मिल सके ; उक्त मांगों को लेकर लामबंद हुए लोगों का कहना है की यथा शीघ्र मांगो का निराकरण किया जावे |

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