दुर्ग। सुबह कुम्हारी टोल प्लाजा पर हुई कार्रवाई ने हवाला नेटवर्क की जड़ों तक पुलिस को पहुंचा दिया। रायपुर के शंकर नगर से निकली दो कारों में छुपाकर रखे गए 6 करोड़ 60 लाख रुपए जब्त किए गए। दोनों कारों में बने सीक्रेट-चेंबर इतने प्रोफेशनल ढंग से तैयार थे कि सामान्य जांच में कैश पकड़ पाना नामुमकिन था।
गुजरात तक पहुंचनी थी रकम
क्राइम ब्रांच और कुम्हारी पुलिस को पहले से इनपुट था कि भारी मात्रा में हवाला का पैसा रायपुर से गुजरात की ओर भेजा जाएगा। गाड़ियां जैसे ही एनएच-53 मार्ग से कुम्हारी पहुंचीं, पुलिस ने दोनों ओर से घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया। कार में सवार चार युवक—शक्ति सिंह, अल्पेश कुमार, ठाकुर महेश सिंह और वाघेला जुहरू भाई—खुद को कारोबारी बताते रहे, लेकिन जब गाड़ियों की तलाशी हुई तो सीक्रेट-लॉकर से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं।
गाड़ियों में मिले हाईटेक चेंबर
सीटों और बॉडी को काटकर बनाए गए तीन लेयर वाले चेंबर में बंडल-बंडल कर कैश रखा गया था। हर बंडल 500-500 के नोटों में था। रकम इतनी अधिक थी कि पुलिस को नोट गिनने की मशीन मंगवानी पड़ी।
बड़ा सवाल—पैसा किसका और कहां जाना था?
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि पैसा रायपुर से उठाया गया था और गुजरात डिलीवरी प्वाइंट था। लेकिन यह कैश किस कारोबारी का था और वहां किसे सौंपना था, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। आयकर विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही है।
चुनावी कनेक्शन की आशंका
जांच एजेंसियां इस रकम को चुनावी फंडिंग और बड़े कारोबारी लॉबी से जुड़े हवाला नेटवर्क का हिस्सा मान रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सिंडिकेट से जुड़े और कई चेहरे जल्द बेनकाब होंगे।
दुर्ग में पकड़ी गई यह रकम एक बार फिर साबित करती है कि रायपुर-भिलाई-दुर्ग का इलाका हवाला कारोबार का बड़ा हब बन चुका है, जहां से करोड़ों रुपए हर हफ्ते देशभर के बिजनेस हब तक पहुंचाए जा रहे हैं।









